नागपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने विजयादशमी के अवसर पर नागपुर में आयोजित संघ के कार्यक्रम में युवाओं से देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आंदोलन समस्याओं का समाधान खोजने के लिए होने चाहिए, न कि नई समस्याएं खड़ी करने के लिए। जब आंदोलन का उद्देश्य बदल जाता है, तो वे राजनीतिक साधन बनकर रह जाते हैं।

भागवत ने नई पीढ़ी, विशेषकर युवाओं से अपील की कि वे किसी भी तरह के बहकावे में आने के बजाय विवेक के साथ निर्णय लें और देशहित को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि भारत कमजोर होगा तो भारत को कमजोर देखना चाहने वाली शक्तियों की हिम्मत बढ़ेगी। ऐसे में युवाओं की जिम्मेदारी है कि वे देश की एकता, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय हितों के प्रति सजग रहें। संघ प्रमुख ने अपने संबोधन में देश की विविधता को भारत की विशेषता बताते हुए आपसी सद्भाव और एकजुटता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज में बदलाव लाने के प्रयास रचनात्मक होने चाहिए और उनका उद्देश्य समस्याओं का समाधान निकालना होना चाहिए।